लाहौर , सितंबर 11 -- इंग्लैंड के खराब टेस्ट दौरे के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी ( एनसीसीआईए) ने यहां मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक से पूछताछ की।
लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान की टीम से हटाकर घर वापस भेजे गए सात खिलाड़ियों के ग्रुप में ये दोनों भी शामिल थे। इन्हें एनसीसीआईए के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया था। वे गुरुवार को पेश हुए। माना जा रहा है कि कम से कम एक खिलाड़ी वहां कई घंटों तक मौजूद था।
अभी यह पता नहीं चला कि यह पूछताछ किस बारे में थी, या क्या इसका संबंध पीसीबी की अपनी उस जांच से है, जिसकी घोषणा उन्होंने इस हफ़्ते की शुरुआत में की थी। बोर्ड ने तब किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया था, लेकिन कहा था कि उसने "अनुशासन और आचरण से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद एक आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है, जिसकी अभी आंतरिक रूप से समीक्षा की जा रही है"। बोर्ड ने कहा कि यह प्रक्रिया "पीसीबी के नियमों के तहत" की जा रही थी।
क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार कि कम से कम एक खिलाड़ी को एक सवालनामा दिया गया है, जिसका जवाब देकर उसे अगले हफ़्ते एनसीसीआईए को लौटाना है।
लॉर्ड्स टेस्ट के बाद - जिसमें पाकिस्तान को 194 रनों से हार मिली थी, जबकि पहला टेस्ट वे एक पारी और 103 रनों से हारे थे - सात खिलाड़ियों के साथ-साथ मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को टीम से हटा दिया गया था। उनकी जगह सात दूसरे खिलाड़ी इंग्लैंड गए, जिनमें से पाँच ने इंटरनेशनल लेवल पर पहले कभी नहीं खेला था ।
इस बीच, लॉर्ड्स में पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद इमाम के बाएं पैर की पिंडली में ग्रेड-1 टियर का पता चला और वे पाकिस्तान की किसी भी पारी के दौरान मैदान पर नहीं उतरे। आखिरी दिन सुबह, मैच से पहले वार्म-अप के दौरान, उन्होंने हल्के-फुल्के शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन उन्हें शारीरिक रूप से परेशानी हुई। पीसीबी के मुख्य चयनकर्ता और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने सार्वजनिक रूप से इमाम की चोट पर सवाल उठाए और इसकी जांच की चेतावनी दी।
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