अमृतसर , जुलाई 01 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पाकिस्तान में शेखूपुरा जिले के फरूखाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की इमारत के एक हिस्से को कथित रूप से गिराकर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की घटना गंभीरता से संज्ञान लिया है और पाकिस्तान सरकार से सिख विरासत स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। एडवोकेट धामी ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान में सिख इतिहास से जुड़े अनेक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब और धार्मिक विरासत स्थल मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी वहां की सरकार की है। उन्होंने कहा कि मिली जानकारी के अनुसार फरूखाबाद की मंडी सकराना में कुछ लोगों ने गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से उसके एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह गुरुद्वारा सिंह सभा आंदोलन के समय का ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जिससे सिख इतिहास की महत्वपूर्ण स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण करना स्थानीय प्रशासन तथा पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उन्हें क्षति पहुंचाकर ऐतिहासिक विरासत को समाप्त किया जाये।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने पाकिस्तान सरकार और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड से इस पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा गुरुद्वारा साहिब की ऐतिहासिक पहचान को बरकरार रखते हुए उसके पुनर्निर्माण और संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

श्री धामी ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित गुरु साहिबानों से जुड़े गुरुद्वारे और अन्य सिख विरासत स्थल विश्वभर की सिख संगत की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए इनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी प्रबंध किये जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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