अमृतसर , नवम्बर 05 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान जाने वाले सिख जत्थे के साथ हिंदू श्रद्धालुओं को वाघा बॉर्डर पर रोके जाने की घटना को निंदनीय, दुखद और गुरु मर्यादा के विपरीत कदम बताया है।
प्रो ख्याला ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान द्वारा सिख जत्थे के साथ जाने वाले हिंदू श्रद्धालुओं को सीमा पार करने से रोकना धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। जिन हिंदू श्रद्धालुओं के पासपोर्ट पर " हिन्दू " स्पष्ट रूप से दर्ज था और जिन्हें बाकायदा वीज़ा जारी किया जा चुका था, उन्हें आख़िरी पल पर वाघा बॉर्डर पर रोकना केवल कुछ हिंदू श्रद्धालुओं का अपमान नहीं, बल्कि सिख और हिंदू समुदायों के बीच मौजूद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता पर सीधा वार है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि यह कदम "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद पाकिस्तान द्वारा सिख-हिंदू एकता को कमजोर करने की नई साज़िश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी किसी एक धर्म या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के गुरु हैं।उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से मांग की है कि इस धार्मिक असहिष्णुता के मामले का गंभीर संज्ञान लिया जाए और पाकिस्तान के विरुद्ध कूटनीतिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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