दोहा , जुलाई 01 -- ईरान और अमेरिका ने कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में परोक्ष वार्ता का एक नया दौर शुरू किया है।
चारों पक्षों में यह चर्चा स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद के पहले दौर के कुछ दिनों बाद हो रही है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पिछले महीने हस्ताक्षरित समझौते को लागू करना है। इसमें विशेष रूप से ईरान की रोकी गयी संपत्तियों और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने मंगलवार को कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन वे बुधवार को होने वाली तकनीकी स्तर की वार्ताओं में भाग नहीं ले रहे हैं।
एक ईरानी राजनयिक के अनुसार, इस चर्चा का उद्देश्य समझौता वार्ता को आगे बढ़ाना और स्विट्जरलैंड के लेक लुसर्न शिखर सम्मेलन के दौरान हुई प्रगति को और मजबूत करना है। इस सम्मेलन में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने अपनी पहली सीधी बातचीत की थी।
चर्चा के मुख्य मुद्दों में से एक विदेशों में रुकी हुई ईरानी संपत्तियों पर लगी रोक को हटाना शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान साठ दिनों की वार्ता अवधि के दौरान अपनी संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने की मांग कर रहा है, जिसकी शुरुआत वर्तमान में कतर के बैंकों में जमा छह अरब डॉलर की राशि को बहाल करने से होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि असहमति का एक बड़ा कारण वाशिंगटन का वह प्रस्ताव है जिसमें एक विशेष ऋण सुविधा स्थापित करने की बात कही गयी है, ताकि इस धन का उपयोग केवल अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे गेहूं, सोयाबीन और मक्का खरीदने के लिए किया जा सके।
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