अंकारा , जनवरी 15 -- तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने गुरुवार को कहा कि तुर्की ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ एक संभावित रक्षा समझौते पर चर्चा की है, लेकिन अभी तक किसी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, श्री फिदान से इस्तांबुल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जब पूछा गया कि क्या तुर्की एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते में शामिल हो सकता है तो उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी कि इस संबंध में बातचीत हुई है। श्री फिदान ने हालांकि इन खबरों को लेकर जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकालने की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी संरचना क्षेत्रीय स्तर पर गहरे विश्वास एवं सहयोग पर निर्भर करेगी।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बीते साल रियाद यात्रा के दौरान हुए समझौते के अनुसार, पाकिस्तान या सऊदी अरब पर होने वाले किसी भी हमले को दोनों देशों के खिलाफ आक्रामक कृत्य माना जाएगा।

गौरतलब है कि पाकिस्तान और तुर्की के बीच दशकों पुराने रक्षा संबंध हैं। तुर्की पाकिस्तानी नौसेना के लिए युद्धपोत बना रहा है। उसने पाकिस्तानी वायु सेना के कई एफ-16 लड़ाकू विमानों को उन्नत बनाने में मदद की है। साथ ही तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन तकनीक हस्तांतरित भी की है।

पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं के खिलाफ तुर्की के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान ने पिछले वर्ष आठ और नौ मई की रातों में 36 जिलों में तुर्की के 400 सोंगर ड्रोन तैनात किए थे।

भारत की श्रेष्ठ वायु रक्षा प्रणालियों, एल70 तोपों और आकाश मिसाइलों ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी सोंगर ड्रोनों को नष्ट करने में कामयाबी हासिल की थी। गिराए गए ड्रोनों का मलबा पंजाब, गुजरात, जम्मू और राजस्थान में भी पाया गया था।

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