नाहन , फरवरी 16 -- हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जिले के पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तिरुपति लाइफ साइंसेज में जहरीली गैस रिसाव के कारण आठ कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना से कारखाने के अंदर दहशत फैल गई और औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं।
खबरों के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम को हुई, जब कारखाने के अंदर एक भंडारण टैंक से मेथिलीन डाइक्लोराइड गैस का रिसाव हुआ।
परिसर में मौजूद श्रमिकों को चक्कर आना, घबराहट और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हुए, जिसके चलते तुरंत कारखाने को खाली कराया गया।
प्रभावित कर्मचारियों को पौंटा साहिब के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों ने पुष्टि की कि चार कर्मचारियों को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया, जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। दो कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रभावित लोगों में महेश, खुशबू, पूजा, सुमन, शबाना, मनीषा और सीमा सहित अन्य शामिल हैं।
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चय सिंह नेगी ने पुष्टि की कि कारखाने के प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि गैस रिसाव मेथिलीन डाइक्लोराइड युक्त भंडारण टैंक से हुआ था।
पुलिस टीमों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर रिसाव के तकनीकी कारण का पता लगाने और अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की जांच करने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दीमेथिलीन डाइक्लोराइड एक अत्यधिक वाष्पशील औद्योगिक विलायक है जिसका उपयोग आमतौर पर दवा और रासायनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं में किया जाता है। उच्च सांद्रता के संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, बेहोशी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इस घटना ने स्थानीय निवासियों और प्रभावित श्रमिकों के परिवारों में आक्रोश पैदा कर दिया है, जिन्होंने कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। औद्योगिक क्षेत्र में खतरनाक रसायनों के भंडारण प्रथाओं और निगरानी प्रणालियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा अनुपालन में चूक पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जांच जारी है।
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