अलवर , सितम्बर 12 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का के जंगल में स्थित प्रसिद्ध पांडुपोल हनुमान मंदिर में पांच दिवसीय पांडुपोल हनुमान जी महाराज का मेला शनिवार से शुरू हो गया।
मेले में राजस्थान के साथ हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन ने मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दिन अलवर जिले में स्थानीय अवकाश रहता है।
मंदिर के महंत ललित मोहन शर्मा और चेतन शर्मा ने बताया कि आज सुबह सात बजे गणेश पूजन के साथ मेले का शुभारंभ हो गया। इसके बाद रामचरित मानस पाठ शुरू किया जाएगा। 13 सितंबर को सुबह रामचरित मानस पाठ का समापन होगा और मध्याह्न 12 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
उन्होेंने बताया कि 14 सितंबर को हनुमान जी महाराज को चोला चढ़ाकर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इस दिन सुबह सात, शाम छह और रात 12 बजे आरती होगी। मध्याह्न 12 बजे भंडारा और रात आठ बजे जागरण होगा। 15 सितंबर को भर मेला रहेगा। इस दिन श्रद्धालु घरों में ज्योत देखकर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। मध्याह्न 12 बजे महाआरती और रात आठ बजे शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम आयोजित होगा। 16 सितंबर को मध्याह्न 12 बजे महाआरती के साथ मेले का समापन होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज की ओर से 14 सितंबर को सुबह आठ बजे से 16 सितंबर तक अलवर, सरिस्का गेट, राजगढ़ और टहला से यात्री भार के अनुसार 24 घंटे बसों का संचालन किया जाएगा। पांडुपोल के उमरी तिराहा पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया जाएगा। यहां से मंदिर तक श्रद्धालुओं को करीब तीन किलोमीटर पैदल जाना होगा।
मत्स्य नगर आगार के मुख्य प्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार अलवर और सरिस्का गेट से करीब 50 बसें, टहला से चार और राजगढ़ से दो बसें संचालित की जाएंगी। वहीं केंद्रीय बस स्टैंड पर नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा, जहां से बस संचालन और यात्री व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।
मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए प्रशासन और रोडवेज की ओर से यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
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