बीड , अक्टूबर 26 -- मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने घोषणा की कि उनके समर्थक 500 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े विवादित ऑडियो क्लिप की स्वतंत्र रूप से जांच करेंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए श्री जरांगे ने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर इस मामले में उनकी संभावित संलिप्तता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

श्री जरांगे ने यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने इस मामले की पड़ताल शुरू कर दी है और केवल ऑडियो क्लिप को फर्जी बताकर इस विवाद को रफा-दफा नहीं करने देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी टीम अपने स्तर पर पड़ताल करेगी और आरोपों के पीछे की सच्चाई सामने लायेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं इस मामले की गहराई में गया हूं। देखते हैं आपकी सरकारी जांच एजेंसियां क्या करती हैं। मराठा समाज का तंत्र भी दिखायेगा कि वह क्या कर सकता है। हम इस मामले की पूरी जांच करेंगे और जब तक सच सामने नहीं आता, तब तक शांत नहीं बैठेंगे।"उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिप में जिस महिला की आवाज सुनाई दे रही है, वह एक वरिष्ठ पद पर है और पूरी योजना बनाने वाले बड़े नेटवर्क से जुड़ी हुई है। इस तरह की रिकॉर्डिंग फर्जी तरीके से तैयार करने के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तर्क दिया कि अगर इसका मकसद सिर्फ कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाना होता, तो इसमें अन्य घटनाओं का इस तरह जिक्र नहीं होता। उन्होंने कहा, "अगर आप सोचते हैं कि हम इस क्लिप को फर्जी बताकर मामला बंद करने देंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। मराठा समाज और आम जनता सब समझ रही है कि क्या चल रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिशों से शक और गहरा होगा।

श्री जरांगे ने इस आशंका को सिरे से खारिज कर दिया कि ऑडियो क्लिप कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) से बनायी गयी हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि एक एआई विशेषज्ञ ने भी संकेत दिया है कि यह तकनीक मराठी भाषा में इतनी लंबी रिकॉर्डिंग तैयार करने में सक्षम नहीं है।

यह पूरा विवाद श्री शिंदे से जुड़े 500 करोड़ रुपये के लेनदेन के दावों पर केंद्रित है। श्री जरांगे ने सवाल उठाया कि अगर ये बातें मनगढ़ंत थीं, तो रिकॉर्डिंग में मौजूद महिला ने ऐसे गंभीर आरोप क्यों लगाए? उन्होंने कहा कि महिला का पद और प्रभाव इन आरोपों को जांच योग्य बनाता है।

उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में ऊपर से दिख रही एकजुटता के बावजूद भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच भीतर ही भीतर भारी तनाव चल रहा है।

श्री जरांगे ने दावा किया कि श्री शिंदे भारी दबाव में हैं, क्योंकि इन आरोपों की आंच उनके बेटे सहित परिवार तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि यह विवाद श्री शिंदे के राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है और उप मुख्यमंत्री खुद यह सोचने पर मजबूर हो गये होंगे कि क्या उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

श्री जरांगे ने दावा करते हुए कहा, "दोनों दलों में अंदरूनी असंतोष उबल रहा है, लेकिन वे मीडिया के सामने इसे खुलकर स्वीकार नहीं कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि दोनों खेमों की अंदरूनी हलचल की जानकारी उन तक लगातार पहुंच रही है।

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