नयी दिल्ली/ चंडीगढ़ , जुलाई 13 -- वाराणसी मूल निवासी एवं वर्तमान में पंचकूला स्थित पश्चिमी कमान, भारतीय सेना मुख्यालय में तैनात अपने पिता ज्ञानेंद्र उपाध्याय के साथ रहने वाले पांच वर्ष दो माह के बाल पर्यावरण प्रेमी रुद्रांश उपाध्याय को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मानित किया है।
सेना के सोमवार को यहां जारी बयान अनुसार नयी दिल्ली में आयोजित 'वृक्ष मित्र' कार्यक्रम में रुद्रांश को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। इस दौरान उन्होंने श्री चौहान के साथ पौधारोपण किया। कार्यक्रम में रुद्रांश ने अपने पर्यावरण अभियान 'रुद्रांश ग्रीन मिशन (आरजीएम)' के तहत किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की।
रुद्रांश ने बताया कि उन्होंने अब तक 1,455 पौधे लगाये हैं, जिनमें से 1,427 पौधे वर्तमान में सुरक्षित, जीवित और विकसित हो रहे हैं। उसने अधिकतर पौधे पंचकूला, चंडीगढ़ और चंडीमंदिर कैंट क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लगाये हैं। उन्होंने प्रत्येक रविवार कम से कम सात पौधे लगाने का संकल्प लिया है और पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण भी स्वयं करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान रुद्रांश ने अपने पौधारोपण अभियान का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया, जिसमें प्रत्येक पौधे का स्थान, प्रजाति और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण दर्ज था। उनके इस समर्पण से प्रभावित होकर श्री चौहान ने उन्हें मंच पर सम्मानित किया और प्रोत्साहन स्वरूप एक पौधा तथा 10 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की।
इस कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) सहित देशभर से आये कृषि वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि इतनी कम उम्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुद्रांश की जागरूकता, अनुशासन और समर्पण अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायक है।
महज पांच वर्ष दो माह की आयु में रुद्रांश उपाध्याय ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। उनका प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि देशभर के बच्चों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी देता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित