पटना , जुलाई 25 -- ाज्य में महिलाएं अब दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कमान बेझिझक संभालते हुए शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय और अन्य गंतव्यों पर पहुंच रही हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाया है। यह संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है, जो महिलाओं में बढ़ती जागरूकता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।
आंकड़ों के अनुसार, इन पांच वर्षों में महिलाओं के डीएल लेने की संख्या में डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रति वर्ष कुल डीएल में महिलाओं की हिस्सेदारी अब तीन प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि बिहार की महिलाएं अब अधिक आत्मविश्वासी होकर वाहनों का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के डीएल की संख्या में निरंतर वृद्धि सरकार की महिला सशक्तिकरण नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। आगे बताया कि वर्ष 2021 में जनवरी से दिसंबर के बीच 18 हजार से अधिक महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है।
श्री कुमार ने कहा कि वर्ष 2022 और 2023 में यह संख्या लगभग 20-20 हजार रही। वर्ष 2024 में आंकड़ा 21 हजार 400 था। वहीं, 2025 में महिलाओं ने इसमें बड़ी छलांग लगाई और डीएल की संख्या 26 हजार से ऊपर पहुंच गई थी। चालू वर्ष 2026 में जुलाई के मात्र आधे महीने में ही 17 हजार से अधिक महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर चुकी हैं।
पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, समस्तीपुर, वैशाली और गयाजी जैसे जिलों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली है।
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