नयी दिल्ली , मई 26 -- भारतीय खेल और वैश्विक वेलनेस के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, विश्व योगासन चैम्पियनशिप (डब्ल्यूबाईसी) 2026 के पहले संस्करण - योगासन को समर्पित दुनिया की पहली वैश्विक प्रतियोगिता - का आज खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने महासंघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में आधिकारिक अनावरण किया जिसमें भारत का 114 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा।
विश्व योगासन चैम्पियनशिप का आयोजन 4 से 8 जून 2026 तक अहमदाबाद के एका एरिना में किया जाएगा। इस चैम्पियनशिप में अभी तक की पुष्टि के अनुसार युगांडा, जाम्बिया, श्रीलंका, नेपाल, केन्या, जापान, ओमान, मॉरीशस और नीदरलैंड्स सहित 71 देशों के 529 योगासन खिलाड़ी भाग लेंगे। यह आयोजन योगासन को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल के रूप में स्थापित करने और ओलंपिक मान्यता की दिशा में भारत की पहल का हिस्सा है।
आधिकारिक अनावरण समारोह के दौरान चैम्पियनशिप के लोगो, ट्रॉफी, आधिकारिक जर्सी और 'वीर' नामक शेर मैस्कॉट को भी लॉन्च किया गया। यह सभी योगासन के आधुनिक वैश्विक खेल के रूप में उभरने का प्रतीक हैं। चैम्पियनशिप की पहचान खेल उत्कृष्टता, वैश्विक एकता, युवा आकांक्षाओं और खेल एवं वेलनेस में भारत के नेतृत्व को दर्शाती है। यह भारत की विरासत और विकसित भारत की सोच का संगम है।
विश्व योगासन चैम्पियनशिप 2026 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), गुजरात खेल प्राधिकरण, गुजरात पर्यटन और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन का सहयोग प्राप्त है। यह योगासन को विश्व खेल मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रयास है।
लॉन्च के अवसर पर खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा,"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया को योग का उपहार दिया है और अब देश योगासन को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विश्व योगासन चैम्पियनशिप हमारे युवाओं, हमारी संस्कृति और उभरते वैश्विक खेलों में भारत की भूमिका को दर्शाती है। यह चैम्पियनशिप हमारे खेल के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मैं सभी देशों का भारत में स्वागत करता हूँ और मुझे विश्वास है कि यह चैम्पियनशिप योगासन खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।"विश्व योगासन एवं योगासन भारत के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य ने कहा, "मेरा मुख्य ध्यान सभी 5 महाद्वीपों से मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहा है। 60 से अधिक देश इस अभियान से जुड़ रहे हैं और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। खिलाड़ियों, संस्थानों और राष्ट्रीय महासंघों में काफी उत्साह है। वर्तमान में हम टीमों, तकनीकी अधिकारियों और नेतृत्व संरचनाओं के प्रशिक्षण और विकास पर काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल चैम्पियनशिप आयोजित करना नहीं, बल्कि योगासन को भारत की प्राचीन परंपरा से जुड़ा एक खेल अनुशासन बनाना है, जो आधुनिक खेल मानकों के अनुरूप हो।"योगासन भारत के अध्यक्ष उदित शेठ ने कहा "योगासन में दुनिया के लिए भारत का एक बड़ा खेल योगदान बनने की क्षमता है। यह सिर्फ एक चैम्पियनशिप नहीं, बल्कि भारत से शुरू हुआ एक वैश्विक खेल अभियान है, जिसे आधुनिक शिक्षण, स्कोरिंग और ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। अहमदाबाद में विभिन्न देशों के खिलाड़ी और अधिकारी एक साथ आएंगे और यह आयोजन भारत की प्राचीन परंपरा को आधुनिक खेल दुनिया तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हम सभी टीमों और खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हैं। एक खेल के रूप में यह इतना रोचक होना चाहिए कि चैनल बदलने का मन न करे और इसकी कमेंट्री बेहतरीन हो।"एशियन योगासन के अध्यक्ष एवं विश्व योगासन तथा योगासन भारत के उपाध्यक्ष डॉ. संजय मालपानी ने कहा, "एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में योगासन तेजी से युवा खिलाड़ियों के लिए एक नए और रोमांचक खेल के रूप में उभर रहा है। यह चैम्पियनशिप नई पीढ़ी को योगासन को केवल वेलनेस नहीं, बल्कि खेल, प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में देखने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे विश्वास है कि यह चैम्पियनशिप दुनिया के हर देश में योगासन खेल को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।"अहमदाबाद और गुजरात इस ऐतिहासिक चैम्पियनशिप के लिए दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। इससे गुजरात की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों, वेलनेस पर्यटन और युवा-आधारित सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में पहचान और मजबूत होगी।
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