पटना , मई 09 -- बिहार में बनी सम्राट मंत्रिमंडल के नये चेहरों में एक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन के पुराने योद्धा मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग सौंपा गया है।
श्री तिवारी से पहले यह विभाग जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता और पूर्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सुनील कुमार के पास था।
श्री तिवारी को इसी वर्ष फरवरी महीने में बिहार विधानसभा के बजट सत्र में अल्पसूचित सवाल पूछने वाले विधायकों की सूची में नंबर एक स्थान मिला था, तभी से बेहद मुखर स्वभाव के इस नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लगने लगी थीं। सदन की कार्यवाही के दौरान ही बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने प्रशंसा करते हुए उन्हें भावी मंत्री कहा था।
29 दिसंबर 1971 को गोपालगंज के डुमरिया गांव में मिथिलेश तिवारी अपनी हिन्दुवादी विचारधारा के साथ 1988 में ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य बने थे। अर्थशास्त्र विषय में आनर्स के साथ स्नातक श्री तिवारी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सुनना उनको बहुत भाता था और 1990 में उनको भाजपा की सदस्यता मिल गई। श्री तिवारी को 1996 में बिहार भाजपा स्पोर्ट्स सेल का राज्य सचिव बनाया गया। 1998 में वह इसी सेल में उपाध्यक्ष तथा 2000 में महासचिव बने। इसके बाद श्री तिवारी 2005 में भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष बने। 2013 में मंगल पाण्डेय की टीम में वह बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष बने और 2019 में संजय जायसवाल की टीम में उन्हें यही पद मिला। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने वाली टीम में भी उन्हें शामिल किया गया था।
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