श्रीनगर , अप्रैल 22 -- कश्मीर में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इन नेताओं ने सामूहिक शोक व्यक्त करते हुए क्षेत्र में हिंसा को समाप्त करने एवं स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए एकजुट संकल्प दोहराया।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल, 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल के पास स्थित सुरम्य बैसरन घास के मैदानों पर हमला किया, जो कश्मीर में नागरिकों पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक था और इसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय गाइड मारे गए।

इस हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया जिससे दोनों पड़ोसी देश पूर्ण युद्ध के कगार पर आ गए थे।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। श्री अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, "एक साल बीत जाने के बाद भी हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। जम्मू-कश्मीर को पीड़ा एवं निर्दोषों की मौत से मुक्त कराने के लिए हम दृढ़ संकल्पित हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा दोबारा कभी न हो। हम उन परिवारों के साथ भी अपनी अटूट एकजुटता व्यक्त करते हैं जिन्होंने एक साल पहले उस कायरतापूर्ण हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया। आतंकी हमले के पीड़ितों की आत्माओं को शांति मिले।"हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने पीड़ितों को गहरे दुख के साथ याद किया और कश्मीर में अतीत में हुई त्रासदियों को भी याद किया।

श्री मीरवाइज ने एक्स पर लिखा, "पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर, हम उन लोगों को गहरे शोक के साथ याद करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं जो इस त्रासदी के दर्द को सहते आ रहे हैं और दुर्भाग्यवश हमेशा सहते रहेंगे। हर साल हमारे कैलेंडर में आने वाली ये तारीखें पिछले तीन दशकों में गाव कदल, ज़कोरा, हावल, सोपोर, वंधामा, चिट्टीसिंहपुरा आदि स्थानों पर हुई ऐसी ही त्रासदियों के घावों को फिर से ताजा कर देती हैं। इस संघर्ष में हजारों अनमोल जीवन नष्ट हो गए।"उन्होंने आगे कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों का अहिंसा एवं वार्ता के माध्यम से गरिमापूर्ण स्थायी शांति में विश्वास और आकांक्षा अटूट बनी हुई है। हम आशा और प्रार्थना करते हैं कि ऐसी भयावह घटनाएं हमेशा के लिए अतीत बन जाएं। ।"जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और दूसरों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाने वाले एक युवा टट्टू चालक के असाधारण साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी याद आतंकवाद के सामने मानवता एवं बहादुरी का प्रमाण है।

अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि इस घटना ने एक ऐसा घाव छोड़ा है जो अभी भी दर्द दे रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में, श्री बुखारी ने कहा कि उन्होंने पीड़ितों के प्रति गहरे सम्मान में अपना सिर झुकाया और दिवंगत आत्माओं की शाश्वत शांति और उनके परिवारों को शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी स्मृति हमें एकजुट रहने, नफरत का त्याग करने और शांति एवं मानवता के प्रति प्रतिबद्ध रहने की याद दिलाती रहेगी। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद लोन ने कहा कि पहलगाम हमले के घाव हमेशा रहेंगे।

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