कोलकाता , जुलाई 19 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को ऐलान किया कि केंद्र की कोऑपरेटिव-आधारित 'भारत टैक्सी' पहल पश्चिम बंगाल में शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य टैक्सी चालकों को सिर्फ कमीशन देने वाले की बजाय गाड़ी का मालिक और प्लेटफॉर्म में हिस्सेदार बनाना है।
श्री शाह ने कोलकाता में एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में भारत टैक्सी मॉडल को शुरू करने के लिए रविवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने कहा, "हमने भारत टैक्सी के साथ एक समझौता किया है, जिसका मकसद यह पक्का करना है कि टैक्सी ड्राइवर गाड़ी का मालिक बने।"उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव मॉडल चालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा क्योंकि वे प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्राइवेट संस्थाओं को देने की बजाय खुद रख सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी पहल के तहत 'सारथी' व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत ड्राइवर न केवल परिवहन सेवा देंगे बल्कि अपनी गाड़ियों और कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म दोनों के मालिक भी बनेंगे।
श्री शाह के अनुसार सेवा से होने वाला मुनाफा सीधे चालकों को मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और प्राइवेट ऐप-आधारित परिचालकों पर निर्भरता कम होगी।
श्री शाह ने प्राइवेट राइड-हेलिंग कंपनियों के व्यवसाय माॅॅॅडल की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ऐप-आधारित संस्थाएं चालकों से अधिक कमीशन लेते हैं, जिससे परिचालन लागत बढ़ने के बावजूद उनकी कमाई कम हो जाती है।
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