कोलकाता , जून 24 -- पश्चिम बंगाल सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए एक नये कानून को लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के तहत अधिकारियों को भ्रष्टाचार के जरिए कमायी गयी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चल रहे बजट सत्र के दौरान बुधवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य उन भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं और व्यक्तियों पर लगाम लगाना है जिन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति इकट्ठा की है।

विधानसभा सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक को पेश करने और पास कराने के लिए 29 जून को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाए जाने की पूरी संभावना है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद यह कदम उठाया गया है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दिखाने की दिशा में सरकार की एक बड़ी नीतिगत पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मौजूदा तय कार्यक्रम के मुताबिक, बजट सत्र का पहला चरण 25 जून तक चलना था, जिसके बाद अवकाश और फिर सात जुलाई से सत्र का दूसरा चरण शुरू होना था। हालांकि, विधानसभा के सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्तावित भ्रष्टाचार विरोधी कानून का मसौदा इस समय युद्ध स्तर पर तैयार किया जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञ इस समय इसके अलग-अलग प्रावधानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह प्रस्तावित कानून अदालत की समीक्षा में टिक सके और इसमें कोई कानूनी कमी न रह जाए। चूंकि मसौदा तैयार करने का काम सत्र के इस चरण की तय समाप्ति से पहले पूरा होने की उम्मीद कम है, इसलिए सरकार इस कानून को सदन के पटल पर रखने और पास कराने के लिए 29 जून को विधानसभा की विशेष बैठक बुलाने पर विचार कर रही है।

श्री अधिकारी ने सदन में कहा कि एक बार यह कानून लागू हो जाने के बाद, भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने वाले लोगों को न केवल जेल की सजा काटनी होगी, बल्कि वे अवैध तरीकों से हासिल की गयी अपनी सारी संपत्ति भी खो देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, "लोगों को यह नहीं सोचना चाहिए कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के बाद वे कुछ महीने जेल में बिताएंगे और फिर कानूनी पैंतरेबाजी के जरिए बाहर आकर आजाद घूम सकेंगे। वे दिन अब चले गए हैं। हम न केवल दोषियों को जेल भेजेंगे, बल्कि भ्रष्टाचार से कमायी गयी संपत्तियों और धन को भी जब्त करेंगे तथा कानून के अनुसार उनकी नीलामी करेंगे।"मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की नीलामी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जनहित में किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार भ्रष्टाचार के जरिए लूटे गये पैसे को जनता को वापस लौटाने का इरादा रखती है।

श्री अधिकारी ने हरीश चटर्जी रोड, हरीश मुखर्जी रोड और आमतल्ला जैसे इलाकों में बने 'आलीशान इमारतों' का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि अगर ये संपत्तियां अवैध तरीके से हासिल की गयी पायी गयीं, तो प्रस्तावित कानून के तहत राज्य सरकार इन्हें अपने कब्जे में ले सकती है।

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