कोलकाता , जून 15 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मकसद से एक अहम कदम उठाते हुए सोमवार को घोषणा की कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में शामिल होने के बाद उम्मीदवार अपनी ओएमआर उत्तर पुस्तिकाएं घर ले जा सकेंगे। यह घोषणा नंदीग्राम में 'जन कल्याण शिविर' के उद्घाटन के दौरान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीदवार ओएमआर शीट की वे प्रतियां अपने पास रख सकेंगे जिनमें परीक्षा प्रक्रिया के दौरान उनके द्वारा चिह्नित उत्तर होंगे।
यह फैसला पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं, खासकर शिक्षा और नगरपालिका क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और हेरफेर के आरोपों के मद्देनजर लिया गया है। कई भर्ती घोटाले की जांच और अदालती कार्यवाही में ओएमआर शीट में अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था।
श्री अधिकारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नयी सरकार परीक्षा रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोकने और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में लिखित परीक्षा पर अधिक जोर देने और मौखिक साक्षात्कार का महत्व कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने पिछले महीने सियालदह में आयोजित एक रोजगार मेले में इस तरह के सुधार का संकेत दिया था, जहां उन्होंने तर्क दिया था कि उम्मीदवारों को उत्तर पुस्तिकाओं की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने से भर्ती में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने बार-बार कहा है कि वह राज्य प्रशासन को साफ़-सुथरा बनाना चाहती है और सरकारी भर्तियों में जनता का भरोसा फिर से कायम करना चाहती है।
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