कोलकाता , जून 08 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के बोर्ड को भंग कर दिया और निकाय के नगर आयुक्त को इसका प्रशासक नियुक्त किया।

निकाय मामलों के विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत की गयी है। इसके परिणामस्वरूप निगम के सभी चुने हुए सदस्यों, मेयर इन काउंसिल, महापौर, अध्यक्ष और अधिनियम के तहत गठित सभी कमेटियों को अपने पद छोड़ने के लिए कहा गया है।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि भंग होने के बाद केएमसी के पार्षदों और मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों द्वारा पहले इस्तेमाल की जाने वाली शक्तियां और जिम्मेदारियां अब प्रशासक द्वारा निभाई जाएंगी।

अधिसूचना के अनुसार प्रशासक की नियुक्ति छह महीने की अवधि तक या नए चुने गए पार्षदों के कार्यभार संभालने तक, जो भी पहले हो प्रभावी रहेगी।

आदेश में कहा गया है कि प्रशासक राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार भंग किए गए निकाय के सभी कार्यों का पालन और निष्पादन करेगा।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) के फिरहाद हकीम ने पांच जून को केएमसी के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया था।

केएमसी के सात तृणमूल पार्षदों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एमआईसी सदस्यों सहित कई अन्य लोगों ने इस्तीफा दे दिया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित