कोलकाता , फरवरी 05 -- पश्चिम बंगाल में राजभवन और राज्य सरकार के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस गुरुवार को विधानसभा के बजट सत्र में शामिल हुए।

श्री बोस ने संक्षेप में सरकार के विकास रोडमैप की रूपरेखा बताई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के साथ गर्मजोशी से बातचीत की। वह अपराह्न 12.30 बजे से कुछ देर पहले विधानसभा पहुंचे और परिसर में डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान श्री बिमान बनर्जी उनके साथ थे। वहीं सुश्री बनर्जी सदन में मौजूद थीं।

उन्होंने राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। राष्ट्रगान के साथ कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी की। इसके विपरीत विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भारत माता की जय के नारे लगाए, जिसका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने समर्थन किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने 'जॉय बांग्ला' के नारे लगाकर जवाब दिया, जो विधानसभा सत्रों पर हावी रहने वाले तीखे राजनीतिक विभाजन को दर्शाता है।

राज्यपाल ने पूरा भाषण नहीं पढ़ा, लेकिन अपने संक्षिप्त छह मिनट के संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार के समावेशी विकास एजेंडे के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। सामाजिक सद्भाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "राज्य ने सांप्रदायिक शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। " उन्होंने कहा कि कानून - व्यवस्था सख्त नियंत्रण में है और कोलकाता देश के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक बना हुआ है।

वित्तीय बाधाओं और केंद्र से लंबित बकाया को स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने कहा, "मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार राज्य के समग्र विकास और लोगों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है।" उन्होंने कहा, "सरकार ने जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 94 कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, विशेष रूप से हाशिए पर रह रहे समुदायों के लिए।" उन्होंने कहा कि राज्य ने महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, कौशल विकास, सामाजिक कल्याण संकेतकों और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल किया है।

राज्यपाल ने कहा कि 2010-11 से राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) पांच गुना बढ़ गया है, और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया, "लगातार आर्थिक और सामाजिक प्रगति के ज़रिए 1.7 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है। कृषि, सिंचाई का विस्तार और विविधीकरण के साथ ही बड़े अवसंरचना खर्च विकास में मुख्य योगदानकर्ता रहे हैं।"राज्यपाल के भाषण में 'दुआरे सरकार' और 'आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान' जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का भी ज़िक्र किया गया। राज्यपाल के अनुसार ये कार्यक्रम सरकार का भागीदारी शासन और आखिरी छोर तक पहुंचने पर ज़ोर दिखाते हैं। उनके भाषण में 'लक्ष्मी भंडार', 'कन्याश्री और रूपाश्री' जैसी महिला-केंद्रित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का भी उल्लेख किया गया, जिसमें सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच, इलाज और दवाएं सुनिश्चित कीं। शिक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा का भी उल्लेख किया गया, जिसमें राज्यपाल ने छात्रवृत्ति योजनाओं, संस्थागत विस्तार और लक्षित विकास बोर्डों पर प्रकाश डाला। उन्होंने रोज़गार सृजन के लिए औद्योगिक विकास पहलों, प्रस्तावित आर्थिक गलियारों, बंदरगाह-आधारित विकास, और स्टील, सीमेंट, चमड़ा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश का भी उल्लेख किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन के आखिर में पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और समावेशी विकास का ज़िक्र किया, जिसमें दुर्गा पूजा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की मान्यता, धार्मिक पर्यटन सर्किट और कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अवसंचना परियोजनाओं का उल्लेख किया ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित