कोलकाता , फरवरी 10 -- पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए प्रस्तावित 8,505 ग्रुप-बी अधिकारियों को माइक्रो पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात करने की प्रक्रिया फिलहाल टल गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने अधिकारियों के संबंध में अतिरिक्त जानकारी मांगी है, जिससे मंगलवार से शुरू होने वाली तैनाती में देरी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, सीईओ कार्यालय ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से प्रत्येक अधिकारी का निवास स्थान, वर्तमान तैनाती स्थल और विजिलेंस क्लीयरेंस की स्थिति सहित विस्तृत जानकारी 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद मुख्य सचिव ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया है कि वे आवश्यक जानकारी संकलित कर मंगलवार शाम पांच बजे तक राज्य सचिवालय को भेजें। नयी जानकारी मांगे जाने के कारण माइक्रो पर्यवेक्षकों की तैनाती फिलहाल रोक दी गई है, जबकि उन्हें आज से रिपोर्ट करना था।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग को सूचित किया था कि वह एसआईआर प्रक्रिया के लिए 8,505 ग्रुप-बी अधिकारी उपलब्ध कराने की स्थिति में है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने कहा था कि राज्य पर्याप्त संख्या में ग्रुप-बी अधिकारी उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके चलते बाहरी राज्यों से अधिकारियों की तैनाती करनी पड़ी।

इस पर संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को स्पष्ट विवरण देने का निर्देश दिया था कि वह पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए कितने अधिकारी उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछली सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर मतदाताओं को मामूली त्रुटियों-जैसे नाम की वर्तनी या उपनाम में बदलाव के लिए नोटिस भेजे जाने पर चिंता जताई थी। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि केवल टाइपिंग की छोटी-मोटी गलतियों के आधार पर किसी मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए। न्यायालय ने यह भी कहा था कि सत्यापन के दौरान भाषा संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए बंगाली भाषा में दक्ष अधिकारियों की सूची राज्य साझा करे।

निर्वाचन आयोग ने पहले अदालत को बताया था कि अब तक राज्य ने केवल 80 ग्रुप-बी अधिकारियों की तैनाती की है, जिसे उसने अपर्याप्त बताया था, खासकर तब जब बड़ी संख्या में निचले स्तर के कर्मचारियों जैसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य प्रशासन 26 नवंबर से जारी एसआईआर प्रक्रिया में पूरा सहयोग दे रहा है।

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