कोलकाता , मई 04 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में घोषित परिणामों और रूझानों से इस बात का संकेत मिल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के रास्ते पर है।
अब तक घोषित 57 परिणामों में भाजपा ने 34 सीटें हासिल कर ली हैं और तृणमूल कांग्रेस केवल 14 सीटें ही जीत सकी है। रूझानों की बात करें तो भाजपा 171 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और तृणमूल कांग्रेस केवल 70 सीटों पर ही आगे चल रही है। कांग्रेस एक और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) दो सीट जीतने में सफल रही हैं। कभी दशकों तक राज्य में शासन चलाने वाली माकपा का खाता तक नहीं खुल सका है।
तृणमूल के कई मंत्री चुनाव हारने की कगार पर हैं। तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर, मौजूदा मंत्री और पार्टी के अल्पसंख्यक चेहरे सिद्दीकुल्ला चौधरी अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी से हार गए।मोंतेश्वर सीट से भाजपा के सैकत पांजा ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार चौधरी सिद्दीकउल्लाह को 14,798 मतों के अंतर से पराजित किया। यह सीट पहले तृणमूल के पास थी, जिसे भाजपा ने इस बार अपने पाले में कर लिया है।
यह हार अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार में किसी मौजूदा मंत्री के इस चुनावी चक्र में अपनी सीट गंवाने का पहला मामला है। उनके अलावा जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवा मंत्री तथा पार्टी के प्रमुख अल्पसंख्यक चेहरों में से एक चौधरी को भाजपा उम्मीदवार सैकत पांजा ने 14,798 वोटों के अंतर से हराया। पांजा को 96,559 वोट मिले, जबकि चौधरी को 81,761 वोट मिले। चौधरी के अलावा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में कम से कम 20 ऐसे मौजूदा मंत्री हैं जो फिलहाल अपने भारतीय जनता पार्टी के प्रतिद्वंद्वियों से पीछे रहे हैं। इनमें वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य, अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस, महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा और शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु भी शामिल हैं।
भाजपा के विजयी उम्मीदवार इस प्रकार हैं।
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