कोलकाता , मई 04 -- पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में एक नये अध्याय की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानसभा में दो तिहाई से भी बड़े बहुमत के साथ पहली बार सत्ता संभालने जा रही है।

भाजपा के पक्ष में उठे जन-समर्थन के प्रचंड तूफान में तृणमूल कांग्रेस की जगमीन खिसक गयी और पार्टी का 15 साल के एक छत्र शासन का अंत हो गया है। भाजपा की जीत के सैलाब में तृणमूल सरकार के कई मंत्री और दमादार नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ा है। मुख्य मंत्री ममता बनर्जी भी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गयी हैं।

साेमवार को हुई मतगणना में देर रात तक प्राप्त नतीजों और रुझानों के अनुसार 294 सीटों वाली विधानसभा में 204 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी घोषित हुए हैं और 02 सीटों पर वे आगे चल रहे हैं। इस तरह भाजपा 206 सीटेें हासिल कर रही है। सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के सामान्य बहुमत की जरूरत थी।

चुनाव आयोग ने पूरे फल्टा निर्वाचन क्षेत्र में 29 अप्रैल को हुए मतदान में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद वहां 21 माई को दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है।

तृणमूल कांग्रेस ने 75 सीटों जीती हैं और छह पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे थे। इस तरह पार्टी सीफ 81 सीट तक सिमट गयी है।

वर्ष 2021 के चुनावों में तृणमूल को 213 तथा भाजपा को 77 सीटों पर सफलता मिली थीं। इस बार राज्य में 6.8 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 92.93 प्रतिशत ने वोट डाले जो अब तक का रिकार्ड है। भाजपा का वोट करीब सात प्रतिशत बढ कर पिछले चुनाव के 38.15 प्रतिशत से बढ़ कर करीब 45.85 प्रतिशत के दायरे में आ गया है जबकि तृणमूल 48.02 का मत प्रतिशत से घट कर 40.79 प्रतिशत के आस पास आ गया है।

कांग्रेस ने दो सीटें जीत कर इस बार अपना खाता खोलने में सफल रही है। पिछले चुनाव में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। इसी तरह मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी एक सीट जीत सकी है जब कि पिछले चुनाव में इसका भी खाता नहीं खुला था। दो सीटों पर हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) सफल हुई है। एक सीट आल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट ने जीती है। भारत को राज्य में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम हर, अंचल में अभूतपूर्व सफलता मिली है। कांग्रेस और वाम दल राज्य के मतदाताओं की दृष्टि से ओझल हो गये लगते हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर निवर्तमान विधान सभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार से अधिक मतों से हराया। श्री अधिकारी अपनी पिछली सीट नंदीग्राम सीट से भी विजयी घाेषित हुए हैं। उन्होंने पिछली बार नंदीग्रामी सीट पर सुश्री मता बनर्जी को हराया था।

ममता मंत्रिपरिषद में दमकल मंत्री सुजीत बोस, खेल एवं युवा मामलों मंत्री अरूप विश्वास, स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा और शिक्षा मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी चुनाव हार गये हैं।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में तृणमूल ने 46.16 फीसदी वोट हासिल कर 29 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा 39.08 फीसदी वोट के साथ 12 सीटों पर विजयी रही थी।

भाजपा को 2016 से चुनावी सफलता मिलनी शुरू हुई। उस बार पार्टी को विधान सभा में तीन सीटें मिली थीं, 2021 में यह संख्या 77 हो गयी ।

" इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल ने जहां एक बार फिर मां, मानुष, माटी को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार और चुना आयोग को निशाने पर रखे हुए थी। भजपा ने घुसपैठ, भ्रष्टाचार तथा महिला असुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनया था।

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