कोलकाता/नयी दिल्ली , जुलाई 13 -- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में बक्खाली तट के पास एक हफ्ते से ज्यादा समय से लापता एक ट्रॉलर के डूबने से नौ मछुआरों की मौत हो गयी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद हादसे पर गहन दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, समुद्र में लापता छह अन्य मछुआरों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान जारी है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक कि बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम के दौरान ट्रॉलर पलट गया था, जिससे मछुआरे समुद्र में गिर गये। दुर्घटना के सटीक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पायेगा।
'मां काली' नाम का यह ट्रॉलर दो जुलाई को पूर्वी मिदनापुर के दीघा स्थित शंखपुर मत्स्य बंदरगाह से 15 मछुआरों के साथ मछली पकड़ने के नियमित अभियान पर निकला था। अधिकारियों के अनुसार, पांच जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया। इसके बाद तटरक्षक बल, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय मछुआरों को मिलाकर एक बड़ा खोज अभियान शुरू किया गया। आठ दिनों की लगातार तलाश के बाद डूबे हुए ट्रॉलर को बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर 'बाघेर चर' के पास खोज निकाला गया। रविवार दोपहर गोबर्धनपुर पुलिस थाना कर्मियों, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल ने डूबे पोत की पहचान की, जिसके बाद उसे दक्षिण 24 परगना के सीतारामपुर तक खींचकर लाया गया।
बचाव कर्मियों ने पूरी रात ट्रॉलर के भीतर फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए काम किया। अब तक नौ शव बरामद किये जा चुके हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप उप-मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लापता छह मछुआरों का पता लगाने के लिए सोमवार को भी दिन भर प्रयास जारी रहेंगे। प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया है, क्योंकि मलबे के अंदर या आसपास के पानी में और शव फंसे हो सकते हैं।
पोत के मिलने की सूचना मिलते ही ट्रॉलर मालिक और लापता मछुआरों के परिजन काकद्वीप और नामखाना पहुंचे। मछुआरा संगठनों के कई ट्रॉलरों ने भी क्षतिग्रस्त नाव को तट तक लाने में मदद की।
पश्चिम बंगाल के सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने बचाव कार्य का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खबर मिलने के तुरंत बाद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को सूचित किया और उनके निर्देशों के बाद ही घटनास्थल पर पहुंचे। "यह एक हृदयविदारक घटना है। बचाव कार्य जारी है। अब तक नौ शव बरामद किये जा चुके हैं। ट्रॉलर में और मछुआरों के फंसे होने की आशंका हैं। हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"राज्य सरकार ने सभी लापता मछुआरों का पता चलने तक खोज अभियान जारी रखने का निर्देश दिया है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित परिवारों को प्रशासनिक सहायता दी जाएगी।
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