कोलकाता , जनवरी 15 -- पश्चिम बंगाल के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सों में से एक की स्थिति में बहुत मामूली सुधार हुआ है।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, एक नर्स का ट्रेकियोस्टोमी किया गया है। दूसरी संक्रमित नर्स को कथित तौर पर होश आ गया है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है। उसकी स्थिति में और गिरावट नहीं हुई है।

इससे पहले दोनों नर्सों की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। पिछले दो दिनों में डॉक्टरों ने एक मरीज में मामूली सुधार देखा है, जबकि दूसरी की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि राज्य में अब तक निपाह संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। संक्रमित नर्सों के इलाज के लिए 'एंटीवायरल दवाएं' दादरा से मंगवाई गई हैं।

मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने सोमवार को पुष्टि की थी कि दोनों नर्सों का निपाह वायरस परीक्षण सकारात्मक आया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। राज्य सरकार ने लोगों से घबराने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की अपील की है। एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि दोनों नर्सें वायरस की चपेट में कैसे आईं और उन लोगों की पहचान कर रहे हैं, जो उनके संपर्क में आए होंगे। वर्तमान में संपर्क का पता लगाने का कार्य चल रहा है।

यह बात सामने आई है कि दोनों संक्रमित नर्सों ने कुछ दिन पहले पूर्व बर्धमान के कटवा क्षेत्र का दौरा किया था।

पूर्व बर्धमान के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जयराम हेम्ब्रम ने कहा कि उनके संपर्क में आए 48 लोगों की सूची तैयार की गई है और उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है, लेकिन वर्तमान में कोई भी सकारात्मक नहीं पाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा समग्र स्थिति की समीक्षा के लिए एक विशेष टीम का भी गठन किया गया है।

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