कोलकाता , अप्रैल 27 -- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर डेढ़ माह तक चला जोरदार चुनाव प्रचार सोमवार शाम छह बजे थम गया। प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा विभिन्न दलों ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियां, सभाएं और रोड-शो किया।

दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान कराये जाएंगे। इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, हावड़ा, नादिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और पूर्वी बर्धमान विधानसभा क्षेत्रों सहित कम से कम आठ चुनावी जिलों में अंतिम चरण में मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं।

गत 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद केंद्रीय और राज्यस्तरीय दलों ने चुनाव प्रचार के लिए रैलियों, नुक्कड़ सभाओं और रोड-शो का सिलसिला तेज कर रखा था। सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रचार के आखरी दौर में सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस की नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने राज्य में जगह जगह कई रैलियों, रोड-शो और सभाओं को संबोधित किया।

दूसरे चरण के चुनाव के लिए कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी प्रचार में हिस्सा लिया।

राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच दिखता है। कांग्रेस और वाम-मोर्चा की पार्टियां भी चुनाव मैदान में पूरी शक्ति के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया है। प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने माटी और मानुष के मुद्दे को आधार पर बंगाल की अस्मिता की रक्षा , मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा केंद्र की ओर से राज्य के साथ भेद-भाव के मुद्दों को उछाला।

भाजपा ने राज्य में, हिंसा, महिलाओं के विरुद्ध जघ्यन्य अपराधों में वृद्धि, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद और घुसपैठ से राज्य के सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या के बिगड़ते स्वरूप का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ने अपनी रैलियों में जनता को यह भी कहा कि ममता सरकार के असहयोग के कारण राज्य के किसानों और गरीबों को केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ा है।

दूसरे चरण के दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैली सीटोंं पर जिन प्रमुख उम्मीदवारों का राजनीतिक भाग्य तय होगा उनमें मुख्य मंत्री ममता बनर्जी और विधान सभा में विपक्ष के नेता और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं।

दूसरे चरण के चुनाव में शामिल सभी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे लाउड-स्पीकर और रैलियों वाला प्रचार बंद होने के बाद उम्मीदवार और उनके समर्थक कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं।

सार्वजनिक प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने दिन में ठाकुर नगर में जनसभा को सम्बोधित किया और उसके बाद मतुआ ठाकुर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने हरिपाल में भी एक जनसभा को सम्बोधित किया तथा शाम में थंथानिया कालीबाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना की।

प्रधानमंत्री कोलकाता में शाम साढ़े पांच बजे से बी. के. पाल एवेन्यु से खन्ना क्रॉसिंग तक रोड-शो कार्यक्रम में शामिल हुये। भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किया। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख शमिक भट्टाचार्य जैसे वरिष्ठ राज्य नेताओं ने भी पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी आज कई रैलियों को संबोधित किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, श्री बनर्जी ने मगरहाट में जनसभा को सम्बोधित किया और दक्षिण-24 परगना जिले के फालता में रोड-शो में शामिल हुये।

इसके अलावा मॉर्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) , कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने भी राज्य में कई रैलियां और रोड-शो किये।

गत 26 फरवरी को चुनाव ज़ब्ती प्रबंधन प्रणाली के सक्रिय होने के बाद से 27 अप्रैल (आज) तक पश्चिम बंगाल में 510.10 करोड़ रुपये की नकदी एवं वस्तुएं जब्त की गयी है जिनमें 30 करोड़ रुपये की नकदी, 48.46 लाख लीटर शराब, जिसकी कीमत 126.85 करोड़ रुपये आंकी है। इसके अलावा 110.12 करोड़ रुपये की मादक पदार्थ, 58.28 करोड़ रुपये की बेशकीमती धातुए और 184.85 करोड़ रुपये के उपहार शामिल हैं।

राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। दोनों चरणों के मतों की गिनती चार मई को करायी जाएगी।

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