कोलकाता , मई 22 -- पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून के लिए राज्य की तैयारियों का आकलन करना और पूरे बंगाल में बाढ़ तथा जलभराव को रोकने के उपायों की रूपरेखा तैयार करना था।

इस अवसर पर सुश्री पॉल ने कहा, "हमने आज एक उच्चस्तरीय बैठक की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बंगाल में बाढ़ जैसे हालात दोबारा न बने। जल निकासी चैनलों की गाद निकालने का काम तुरंत युद्धस्तर पर किया जायेगा। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिन पर पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ध्यान नहीं दिया था। हम इन चीजों को ठीक करना चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि राज्य में व्यापक जलभराव के कारण लोगों को कठिनाइयों और बीमारियों का सामना न करना पड़े।"उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और जलभराव को कम करने के लिए उत्तर और दक्षिण बंगाल दोनों में निवारक उपाय करेगी।उन्होंने कहा कि शहरी विकास और नगरपालिका मामलों का विभाग मानसून से पहले नहरों और जल निकासी चैनलों की गाद की उचित सफाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा। उन क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप तैनात किये जायेंगे, जहां मानसून के दौरान नियमित रूप से गंभीर जलभराव की समस्या सामने आती है। उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश के दौरान वर्षा जल की सुचारू निकासी सुनिश्चित करने के लिए पूरे बंगाल में जल निकासी चैनलों को तेजी से साफ करने के निर्देश जारी किये गये हैं। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में गड्ढों और वर्षा जल निकासी प्रणालियों की सफाई में तेजी लाने का भी निर्देश दिया ताकि तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी में सुधार हो सके।

सुश्री पॉल ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर बंगाल, विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को रोकने पर विशेष जोर देगी, जिन्होंने हाल के वर्षों में भारी बारिश और भूस्खलन से बार-बार व्यवधान देखा है। उन्होंने कहा कि विभाग की तत्काल प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मानसून के मौसम के दौरान नागरिक बुनियादी ढांचा चालू रहे और उन्होंने जमीनी स्थिति की समीक्षा के लिए जल्द ही उत्तर बंगाल का दौरा करने की योजना की घोषणा की।

पिछले साल मानसून के नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तीस्ता नदी के उफनते पानी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के कुछ उन हिस्सों को जलमग्न कर दिया था, जो उत्तर बंगाल को सिक्किम से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण गलियारा है। बरसात के पानी के जमा होने की वजह से यह बार-बार बंद हुआ और संपर्क व्यवस्था में बड़ा व्यवधान आया। इस अवधि के दौरान कालिम्पोंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों से भी कई भूस्खलन की खबरें आई थीं।

सुश्री पॉल ने कहा कि फूलबाड़ी, डाबग्राम, धुपगुड़ी और मालबाजार सहित अन्य क्षेत्रों में खराब होता नागरिक बुनियादी ढांचा, लचर जल निकासी और क्षतिग्रस्त सड़कें बारिश से पहले गंभीर चिंता के रूप में उभरी हैं। उनके अनुसार, फूलबाड़ी और डाबग्राम में जल निकासी और वर्षा जल प्रबंधन प्रणालियों में काफी सुधार की आवश्यकता है क्योंकि भारी बारिश के दौरान दोनों क्षेत्रों में अक्सर गंभीर जलभराव होता है।

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