कोलकाता , अक्टूबर 30 -- पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी ने शुक्रवार को राज्य की 'स्वास्थ्य साथी' स्वास्थ्य योजना में बड़ी अनियमितताओं का आरोप लगाया।

श्री मुखर्जी ने दावा किया कि सत्यापन के दौरान लगभग 25-30 लाख कार्ड फर्जी, जिनका पता न लग सके, या संदिग्ध पाये गये हैं। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक ऑडिट से इस कथित धोखाधड़ी के और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

श्री मुखर्जी ने बताया कि 'स्वास्थ्य साथी' योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान ये गड़बड़ियां सामने आयी। सरकार इन लाभार्थियों को 'आयुष्मान भारत' और राज्य की 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी लाभार्थियों के रिकॉर्ड का घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं, और इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लाभार्थियों के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो गये।

मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार इन कथित फर्जी या अस्तित्वहीन कार्डों के लिए हर साल लगभग 30 करोड़ रुपये का प्रीमियम भर रही थी। श्री मुखर्जी ने कहा, "अभी तो बस ओपनिंग बल्लेबाज ही मैदान पर आये हैं, और हमें 25-30 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का पता चल चुका है। पूरी पारी तो अभी खेली जानी बाकी है। यह कोई टी20 मैच नहीं है, इसलिए इसमें समय लगेगा। धीरे-धीरे आप देखेंगे कि और कितनी जानकारी सामने आती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ये अनियमितताएं केवल लाभार्थी कार्ड बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें स्वास्थ्य सेवा और बीमा प्रणाली के कई स्तर शामिल हैं।

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