बेतिया , जून 16 -- बिहार में पश्चिम चंपारण जिले के सभी 18 प्रखंडों एवं 45 ग्राम पंचायतों में मंगलवार को आयोजित जनसहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों में प्राप्त आवेदनों में 85 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन किया गया। शिविरों में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आम लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की।
जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनसहयोग शिविर प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे।
इस बीच, बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या एक से सात तक पहली बार विशेष जनसहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वच्छता, पेयजल, जल निकासी, होल्डिंग टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, स्ट्रीट लाइट तथा प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न सेवाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया। कार्यक्रम में महापौर गरिमा देवी सिकारिया, उपमहापौर गायत्री देवी और नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रखंड स्तर पर आयोजित शिविरों में आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, लखपति दीदी योजना, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, ग्राम परिवहन योजना और दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविरों में सर्वाधिक 879 आवेदन ग्रामीण विकास विभाग में प्राप्त हुए, जिनमें 585 का निष्पादन किया गया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 659 में से 418, योजना एवं विकास विभाग में 530 में से 401 तथा समाज कल्याण विभाग में 427 में से 396 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा श्रम संसाधन विभाग में 223, कृषि विभाग में 114, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में 112, ऊर्जा विभाग में 79, शिक्षा विभाग में 72 तथा पुलिस विभाग में 65 आवेदन प्राप्त हुए।
जिला प्रशासन के अनुसार अधिकांश मामलों का मौके पर अथवा त्वरित प्रक्रिया के तहत समाधान किया गया। जनसहयोग शिविरों के माध्यम से लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे शिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रशासन-जनता के बीच संवाद को मजबूती मिल रही है।
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