मुंबई , मार्च 12 -- ईरान युद्ध लम्बा खिंचने और खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमले की बढ़ती घटनाओं के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा और प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत के दायरे में लुढ़क गये। बाजार कल भी गिरावट में था।
बीएसई30 में बिजली क्षेत्र की एनटीपीसी और पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज , सन फार्मा , टेक महिंद्रा और एचसीएल-इन छह शेयरों को छोड़ कर बाकी 24 कंपनियों के शेयर घाटे में बंद हुए।आज के कारोबार में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा , एयरलाइन, वित्तीय सेवा और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का जोर था। उपभोक्ता क्षेत्र के शेयर भी गिरावट में दिखे।
बीएसई 30 सेंसेक्स बुधवार की तुलना में गुरुवार को और 829.29 अंक (1.08 प्रतिशत) गिर कर 76,034.42 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 भी 227.70 अंक (0.95 प्रतिशत) गिर कर 23,628 . 65 पर बंद हुआ।
बुधवार को सेंसेक्स 1,342.27 अंक लुढ़ककर 76,863.71 अंक और निफ्टी-50 सूचकांक 394.75 अंक टूटकर 23,866.85 अंक पर बंद हुआ था।
बीएसई30 आज 76,369.65 पर खुला और कारोबार के दौरान ऊपर में 76,681.71 तथा नीचे में 75,871.18 तक गया। इसी तरह आज निफ्टी-50 सूचकांक 23,674.85 पर खुल कर ऊपर में 23,833.15 और नीचे में 23,556.30 तक गया था।
आज के कारोबार में गिरावट महिंद्रा एंड महिंदा में दिखी । यह शेयर 4.23 प्रतिशत टूट कर 3032.80 पर बंद हुआ। मारुति 3.60 प्रतिशत टूट कर 13016 रुपये पर टिका। एल एंड टी और अल्ट्राटेक सीमेंट भी 3 प्रतिशत से अधिक के घाटे में बंद हुए। इंडिगो का शेयर 2.26 प्रतिशत नीचे आया। बैँकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा 2.19 प्रतिशत की गिरावट आईसीआईसीआई बैंक में रही। कोटक बैंक, एक्सिस बैंक एसबीआई ओर एचडीफसी बैंक भी हानि में बंद हुए। बजाज फिन सर्व भी हानि में रहा।
रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बेचने वाली दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान लीवर का शेयर 1.22 प्रतिशत टूट गया। इस्पात और अमरीकी बाजार पर अधिक निर्भर टीसीएस और इनफोसिस कंपनियों के शेयर भी बिकवाली के दबाव में थे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सम्पत्ति प्रबंध प्रभाग के अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार के निकट भविष्य में अस्थिर बने रहने के आसार हैं। उन्होंने कहा, ' बाजार पर पश्चिम एशिया के संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का प्रभाव पड़ सकता है।'उन्होंने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधा की चिंताएँ तब बढ़ गईं जब ब्रेंट क्रूड लगभग 9 प्रतिशत उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। यह वृद्धि उन खबरों के बाद आयी है कि ईरान की विस्फोटक से लैस नौकाओं ने दो ईंधन टैंकर-पोत पर हमले किये और कुछ तेल बंदरगाहों पर संचालन रोक दिया गया। इसने वहां संघर्ष के बीच आपूर्ति को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
श्री खेमका ने कहा कि आज मिडकैप 100 सूचकांक में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 में में 0.7 प्रतिशत की गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई।
उनके विश्लेषण के अनुसार मार्च में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय बाजार में लगातार शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। एफआईआई ने स्थानीय बाजार से अब तक लगभग 39,116 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इसी अवधि में लगभग 53,099 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। फरवरी में यह 6,640 करोड़ रुपये थी। इससे संकेत मिलता है कि महीने के पहले सात कारोबारी सत्रों में बिकवाली तेज हो गई है।
उन्होंने कहा कि बाजार में इस गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण वैश्विक जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति को दर्शाती है।
श्री खेमका ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने भारत सहित 16 व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता को लेकर एक नई व्यापार जांच शुरू की है। इसका उद्देश्य हाल ही में सीमाशुल्क लगाने के ट्रम्प सरकार के पिछले निर्णयों के एक प्रमुख हिस्से को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के रद्द किए जाने के बाद व्यापारिक भागीदारोंं पर सीमाशुल्क के दबाव को फिर से बढ़ाना है।
भारत में खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गई। यह लगातार चौथे महीने बढ़ी है, जो दर्शाता है कि कीमतों पर दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित