नयी दिल्ली , अप्रैल 12 -- अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बीच सरकार ने रविवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, साथ ही ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित कर रही है।

अधिकारियों ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न स्थिति में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सरकार की कोशिशों की जानकारी देते हुए जोर देकर कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है, और एलपीजी का वितरण पूरे देश में सुचारू रूप से जारी है। शनिवार को 52.3 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, और किसी भी वितरक के यहां "ड्राई-आउट" की सूचना नहीं मिली है। सरकार ने नागरिकों से घबराहट में खरीदारी से बचने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया, साथ ही डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म और पीएनजी तथा विद्युत खाना पकाने जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों ने देशभर में कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को 2,700 से अधिक छापे मारे गए, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण किए, जिनमें अब तक 219 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया और 56 वितरकों के लाइसेंस निलंबित किए गए।

सरकार ने बताया कि ऊर्जा आपूर्ति प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है, जिसके तहत रिफाइनरियों के उत्पादन में वृद्धि, एलपीजी बुकिंग चक्र का युक्तिकरण और मिट्टी का तेल तथा कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधनों की उपलब्धता बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं। एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर मिट्टी का तेल आवंटित किया गया है, जबकि कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरियों को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को गति मिली है। मार्च 2026 से अब तक 4.24 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं, जबकि 4.66 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति दी जा रही है, और घरों तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी से हटकर अन्य विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, सरकार ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण खुदरा ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। साथ ही, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल और विमानन टर्बाइन ईंधन पर निर्यात शुल्क बढ़ाया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है।

समुद्री क्षेत्र में, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि भारत के सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ नहीं है, जबकि क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले सभी पोत और नाविक सुरक्षित हैं। शिपिंग नियंत्रण कक्ष सहायता के समन्वय के लिए कार्यरत है, जिसने सक्रिय होने के बाद से 6,000 से अधिक कॉल और लगभग 13,000 ईमेल संभाले हैं। अब तक 2,084 से अधिक भारतीय नाविकों को स्वदेश वापस लाया गया है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 75 शामिल हैं।

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