नयी दिल्ली , जुलाई 14 -- कांग्रेस पार्टी के विदेश मामलों के विभाग ने पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ती हिंसा और व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

विभाग ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को युद्धरत पक्षों द्वारा हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने अपने बयान में सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप व्यवहार करने की अपील की। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की पक्षधर रही है और सभी संबंधित पक्षों से विश्वसनीय हितधारकों के माध्यम से संरचित संवाद के जरिए समाधान निकालने का आग्रह करती है।

विदेश मामलों के विभाग ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर हो रहे हमलों को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। बयान में कहा गया कि चाबहार बंदरगाह भारत की लगातार सरकारों द्वारा मध्य एशिया तक पहुंच के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। ऐसे में इस पर हमले भारत के दीर्घकालिक सामरिक और आर्थिक हितों को प्रभावित कर सकते हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता स्वीकार्य नहीं है। पार्टी का कहना है कि इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सीमित हो रही है और पाकिस्तान सहित अन्य क्षेत्रीय शक्तियों को अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम एशिया में भारत के भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने तथा आगामी मानसून सत्र में संसद को इस संबंध में उठाये गये कदमों की जानकारी देने की मांग की है।

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