नयी दिल्ली , मार्च 05 -- भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल पर पश्चिम एशिया क्षेत्र को अस्थिर करने तथा वार्ता के बीच युद्ध भड़काने का आरोप लगाया।
ईरानी राजदूत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में हिंद महासागर में ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईरिस डेना के डूबने की घटना को ईरान ने "समुद्र में किया गया अत्याचार" बताया है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान अमेरिका और इजरायल को संघर्ष के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दोनों देश ईरान की रणनीतिक एवं भौगोलिक स्थिति से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने इजरायल को "जायनिस्ट शासन" बताते हुए आरोप लगाया कि उसका उद्देश्य पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को अस्थिर करना है। उन्होंने कहा, "उन्हें अच्छी तरह पता है कि ईरान कहां है और उसकी स्थिति क्या है, लेकिन दुर्भाग्य से जायनिस्ट शासन पूरे क्षेत्र को नष्ट और अशांत करना चाहता है। ईरान अपने पड़ोसियों पर हमला नहीं करता, लेकिन वे अपने ठिकाने उपलब्ध कराते हैं। हमने अपने पड़ोसी देशों को पहले ही सूचित कर दिया था कि हम अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाएंगे।"भारत के साथ किसी प्रकार की कूटनीतिक बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल ईरान और भारत के बीच कोई वार्ता या संदेश का आदान-प्रदान नहीं हुआ है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उठी चिंताओं पर श्री फतहाली ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने पहले हमला किया है और ईरान अपनी प्रतिक्रिया देगा।
इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान ने एक "महान नेता और मार्गदर्शक" को खो दिया है, जिन्होंने हमेशा सही पक्ष में खड़े रहने की सलाह दी।
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