नयी दिल्ली , अप्रैल 22 -- उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच औद्योगिक गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करने, आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने और प्रमुख विनिर्माण क्षेत्रों की मजबूती के लिए विभिन्न नियामक एवं सहायक उपाय सक्रिय रूप से लागू कर रहा है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर बुधवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य ईंधन एवं आवश्यक कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है, साथ ही उद्योग क्षेत्र की परिचालन चुनौतियों का समाधान करना है। डीपीआईआईटी हितधारकों के साथ निरंतर निकट संपर्क में बना हुआ है और सभी जरूरी कदम उठा रहा है।
ईंधन और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किये जा रहे सहायक उपायों के तहत पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) ने संकट के दौरान ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सहायक एवं सुरक्षा उन्मुख उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा कि संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी) वितरण स्टेशनों के लिए कुल 467 आवेदन पेसो को प्राप्त हुए और 25 मार्च से 21 अप्रैल तक सभी का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया गया। कुल 467 मामलों में से 157 मामलों में अंतिम लाइसेंस प्रदान किए गए और 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी वितरण स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व स्वीकृति दी गई।
मार्च से अब तक 41 बायो गैस सिलेंडर भराई एवं भंडारण संयंत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई तथा इसके पश्चात 14 संयंत्रों को लाइसेंस जारी किए गए।
उच्च श्रेणी के केरोसिन तेल (एसकेओ) के लिए अस्थायी भंडारण में छूट दी गई, जिसके अंतर्गत 12 मार्च को 2,500 लीटर तक भंडारण की अनुमति तथा 13 मार्च को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के केरोसिन के लिए एक बार की छूट के रूप में 5,000 लीटर तक भंडारण की अनुमति दी गई, ताकि अंतिम चरण तक वितरण की निरंतरता बनी रहे।
इसके अलावा घरेलू उपलब्धता को सुरक्षित रखने के लिए 18 मार्च को अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
क्रायोजेनिक सिलेंडरों में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भरने की अनुमति देने वाले दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे विकेन्द्रीकृत एलएनजी आपूर्ति को बढ़ावा मिले और व्यवधान के दौरान ईंधन की लचीलापन क्षमता बढ़े।
पेसो ने 20 मार्च को निर्देश दिये थे कि सीएनजी स्टेशनों और डी-कंप्रेशन इकाइयों के आवेदनों का समयबद्ध निपटान (10 दिनों के भीतर) किया जाए, ताकि अवसंरचना विस्तार में तेजी लाई जा सके। तत्काल आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए 14.03.2026 को पोरबंदर जेट्टी पर एलपीजी उतारने की अनुमति दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि सीएनजी/सीबीजी कंप्रेसरों के लिए अनुमोदन आवश्यकताओं से छह माह की अस्थायी छूट एक अप्रैल को जारी की गई, ताकि वितरण स्टेशनों के संचालन को तेजी से प्रारंभ किया जा सके।
वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चोरी रोकने के लिए डीएसी आधारित आपूर्ति लगभग 94 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। संकट शुरू होने के बाद से अब तक अब तक 20.08 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गएइसके अलावा लगभग 5.10 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की गयी और अतिरिक्त 2.56 लाख कनेक्शनों के लिए अवसंरचना तैयार की गई तथा लगभग 5.77 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित