बेतिया, 19सितम्बर (वार्ता)बेतिया राज की करीब छह एकड़ जमीन का कथित रूप से अभिलेखों में हेराफेरी कर किसी रैयत के नाम जमाबंदी कायम किये जाने के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी (डीएम) तरनजोत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर समाहर्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।डीएम ने बताया कि बेतिया अंचल में अभिलेखों में हेराफेरी कर बेतिया राज की जमीन का परिमार्जन कर रैयत के नाम जमाबंदी कायम किये जाने की सूचना मिली थी। जांच टीम मूल अभिलेखों का मिलान करने के साथ जमाबंदी कायम करने के आधार, संबंधित दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। इसमें शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी।
वहीं, विगत वर्षों में बेतिया राज की जमीन के रैयतीकरण के बाद कायम की गयी अन्य जमाबंदियों की भी अलग से जांच करायी जायेगी। प्रशासन यह सत्यापित करेगा कि रैयतीकरण किस आधार और आदेश के तहत हुआ तथा उसके बाद जमाबंदी किस प्रक्रिया से कायम की गयी।
बैरिया अंचल में बंदोबस्ती जमीन के अभिलेखों से छेड़छाड़ के मामले की भी जांच होगी।
डीएम ने कहा कि सरकारी अथवा बेतिया राज की जमीन के अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज करायी जायेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित