बेतिया, 28अगस्त (वार्ता )नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लो (जीएलओएफ) के कारण नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने और गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए पश्चिम चंपारण में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) अमरेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता (लोक शिकायत निवारण) अनिल कुमार सिन्हा समेत बेतिया सदर व नरकटियागंज के अनुमंडल पदाधिकारी तथा जल संसाधन, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारियों को वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज और गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों पर बालू की बोरियां, बोल्डर और नायलॉन क्रेट जैसी बाढ़ नियंत्रण सामग्री के साथ जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को तैनात रहने को कहा गया है।

बगहा, पिपरासी, मधुबनी, बैरिया, नौतन और ठकराहा जैसे संभावित बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। टीमों को नाव, लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

संभावित बाढ़ को देखते हुए चूड़ा, गुड़, ओआरएस, माचिस, पॉलीथिन शीट और शुद्ध पेयजल समेत आवश्यक राहत सामग्री का अग्रिम भंडारण किया गया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश की दवा तथा जलजनित बीमारियों की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।

निचले और दियारा क्षेत्रों से लोगों के विस्थापन की स्थिति में चिह्नित उच्च प्राथमिक विद्यालयों और बाढ़ शरण स्थलों को तत्काल उपयोग के लिए तैयार रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर सामुदायिक रसोई शुरू कर प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। पशुओं के लिए ऊंचे स्थानों पर राहत शिविर, चारा और टीकाकरण की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।

संभावित प्रभावित परिवारों की सूची को पारदर्शी तरीके से अद्यतन रखने और नियमानुसार जीआर सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की तैयारी पूरी रखने को कहा गया। जिला एवं प्रखंड स्तर पर आपातकालीन बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पश्चिम चंपारण के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां दुरुस्त रखी गयी हैं। किसी भी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जन-धन की हानि को शून्य स्तर पर रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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