बेतिया , जून 23 -- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में मानसून अवधि के दौरान 29 जून से 30 सितंबर 2026 तक जंगल सफारी एवं अन्य पर्यटन गतिविधियां बंद रहेंगी। वन विभाग ने वन्यजीवों के प्रजनन काल, वन मार्गों की स्थिति तथा पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

वन संरक्षक सह वन निदेशक गौरव ओझा के अनुसार राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा बिहार सरकार के निर्देशों के अनुपालन में मानसून अवधि के दौरान वीटीआर के प्रमुख पर्यटन केंद्रों वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना में जंगल सफारी एवं गंडक नदी में मोटरबोट संचालन पर रोक रहेगी।

विभाग ने बताया कि इस अवधि में गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना तथा वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।हालांकि, बेतिया से पटना तक संचालित एकदिवसीय, द्विदिवसीय एवं त्रिदिवसीय पर्यटन पैकेज पूर्ववत जारी रहेंगे।

विभाग ने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 से अप्रैल-मई 2026 तक कुल 14 लाख 81 हजार 528 पर्यटकों ने वीटीआर का भ्रमण किया है। इनमें 4 लाख 91 हजार 288 सशुल्क तथा 9 लाख 90 हजार 240 निशुल्क पर्यटक शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में 3.22 लाख, वर्ष 2024-25 में 4.80 लाख तथा वर्ष 2025-26 में 6.09 लाख पर्यटक वीटीआर पहुंचे थे।विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2018-19 में जहां केवल तीन विदेशी पर्यटक पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 70 हो गई। चालू वित्तीय वर्ष में 23 जून तक सात विदेशी पर्यटक वीटीआर का भ्रमण कर चुके हैं।

जंगल सफारी के प्रति पर्यटकों की बढ़ती रुचि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021-22 में 11,538 पर्यटकों ने सफारी की थी, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 33,224 हो गई। अप्रैल से 23 जून 2026 तक 14,040 पर्यटक जंगल सफारी कर वन्यजीवों का अवलोकन कर चुके हैं। मानसून अवधि समाप्त होने के बाद पर्यटन गतिविधियां पुनः शुरू की जाएंगी तथा इसके पूर्व वन मार्गों एवं पर्यटन सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

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