बेतिया, मार्च 18 -- बिहार में पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा रेंज से भटककर निकली एक बाघिन की मौत हो गई है।
मृत बाघिन का शव सिसई हाई स्कूल के पूर्व में स्थित पंडई नदी के नाले से बरामद किया गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद नियमानुसार मंगुराहा गेस्ट हाउस के निकट जंगल में बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह मादा बाघिन पिछले कई दिनों से बीमार और काफी कमजोर हो गई थी। बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे जब उसे पंडई नदी के किनारे जीर्ण-क्षीण अवस्था में घूमते देखा गया, तो वनकर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और बेहोशी का इंजेक्शन देने की तैयारी की। ठीक इसी दौरान बाघिन घेराबंदी को तोड़ते हुए अचानक नाले में कूद गई और वहीं उसकी मौत हो गई।
इस घटना के समय वन संरक्षक गौरव ओझा, डीएफओ शेखर प्रधान, दो डॉक्टर, दो बायोलॉजिस्ट, रेंजर समेत अन्य वन कर्मी मौजूद थे।
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