बेतिया , जुलाई 18 -- बिहार सरकार की ओर से अधिसूचना जारी किए जाने के बाद पश्चिम चम्पारण समेत विभिन्न जिलों में स्थित बेतिया राज की 15,556.39 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इस कार्य को संपादित करने के लिए जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा, जो परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने आज बताया कि राज्य सरकार की अधिसूचना प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति बिहार स्टांप नियमावली, 1995 तथा उसके संशोधित प्रावधानों के अनुरूप बेतिया राज की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करेगी और उनके प्रबंधन एवं निपटान की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करेगी।

श्री सिंह ने बताया कि अधिसूचना में संबंधित अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या तथा रकबा का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे प्रत्येक क्षेत्र में स्थित भूमि का स्पष्ट ब्योरा उपलब्ध होगा। सर्वाधिक भूमि बगहा-1 अंचल के विभिन्न मौजों में दर्ज है।

जिलाधिकारी के अनुसार, बेतिया राज की परिसंपत्तियां सरकार में समाहित होने के बाद चलाए गए विशेष खोज अभियान में 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की पहचान की गई है। इनमें पश्चिम चम्पारण में 6,000 एकड़ से अधिक तथा पटना, पूर्वी चम्पारण, सारण, गोपालगंज और उत्तर प्रदेश में लगभग 3,000 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित की गई है।

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