बेतिया, जून 16 -- बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले में दुष्कर्म-पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में मुख्य आरोपी कुंदन चौधरी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने इस सजा के साथ मुजरिम के उपर पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है। विशेष न्यायाधीश ने बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया है।
यह घटना 4 मार्च 2023 की है। बेतिया के छावनी मोहल्ले की एक नाबालिग बच्ची कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी कुंदन चौधरी इसी गिरोह का सदस्य था।अपहरणकर्ताओं ने बच्ची को चेन्नई ले जाकर एक कमरे में बंद कर रखा। वहां आरोपी कुंदन चौधरी ने बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस संबंध में पीड़िता के पिता ने बेतिया काली बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की लंबी सुनवाई के बाद विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी के प्रयास से अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों पर विचार करते हुए कुंदन चौधरी को दोषी पाया। सजायाफ्ता आरोपी कुंदन चौधरी बेतिया के काली बाग थाना क्षेत्र अंतर्गत छावनी मोहल्ले का निवासी है।
न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सजा सुनाते हुए साफ कहा कि नाबालिगों के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों पर न्यायालय सख्ती से संज्ञान लेगी और सजा दी जाएगी।
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