बेतिया , जुलाई 17 -- पश्चिम चंपारण जिले में प्रधानमंत्री(पीएम) आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही के आरोप में पांच प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को तलब करते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण माँगा है।
उप विकास आयुक्त काजले नितिन वैभव ने नौतन, मझौलिया, बैरिया, लौरिया और योगापट्टी प्रखंड के बीडीओ से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त के भुगतान तथा आवास पूर्णता की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कई प्रखंडों में लंबित किस्तों के भुगतान और आवासों को पूर्ण कराने की गति अत्यंत धीमी है, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया।
इस संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद लाभुकों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित नहीं कराया गया तथा बिना किसी ठोस कारण के अनेक आवास अधूरे पड़े हैं। इससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार ग्रामीण आवास योजना के तहत पूर्व में भी लंबित किस्तों का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिये गये थे, लेकिन संबंधित प्रखंडों ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। डीडीसी ने कहा कि राज्य स्तर पर भी लंबित किस्तों के शत-प्रतिशत भुगतान और आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी को देखते हुए संबंधित बीडीओ को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिये गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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