जयपुर , जुलाई 14 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जायेगी।

श्री शर्मा मंगलवार को यहां पशु रोग नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी पशु लक्षित टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है। पशु के बीमार होने का सीधा प्रभाव किसान की आजीविका और आय पर पड़ता है। इसलिए पशुओं में टीकाकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाये।

उन्होंने कहा कि विभाग पूरी सजगता और सतर्कता के साथ फील्ड पर प्रभावी मॉनिटरिंग करें तथा पशु चिकित्सा संस्थानों में औचक निरीक्षण किये जायें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय पर नहीं आने वाले डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये। साथ ही, अस्पताल की दवाओं के निजी उपयोग तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर भी सख्त एक्शन लें। मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बेजुबान पशुओं के उपचार में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आंकड़े और रिपोर्ट का फील्ड वेरिफिकेशन कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग की जाये। उन्होंने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों, दवा वितरण एवं मंगला पशु बीमा योजना की जिलेवार एवं उपखण्डवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित