राजनांदगांव , जून 28 -- छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों ने सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षभर बिना साप्ताहिक अवकाश के लगातार सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने बताया कि विभाग का मैदानी अमला बस्तर से लेकर सरगुजा तक टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार तथा पशुओं के आपातकालीन उपचार जैसी सेवाएं पूरे वर्ष उपलब्ध कराता है। लगातार बिना अवकाश कार्य करने से कर्मचारियों में शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ रही है, जिसका असर सेवा गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है।

संघ ने ज्ञापन में मांग की है कि मैदानी कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। साथ ही शासकीय अवकाश के दिनों में पशु चिकित्सालय सुबह 8 से 10 बजे तक दो घंटे संचालित किए जाएं, ताकि गंभीर रूप से बीमार पशुओं का उपचार प्रभावित न हो।

संघ ने यह भी कहा कि अधिकांश शासकीय विभागों तथा स्वास्थ्य विभाग में भी रोस्टर प्रणाली के तहत साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था लागू है। ऐसे में पशुधन विकास विभाग के कर्मचारियों को भी समान सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।

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