मुंबई , जनवरी 28 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के एक विमान दुर्घटना में बुधवार को दुखद निधन के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने गहरा दुख और श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने श्री पवार को राज्य की राजनीति में एक सच्चे धर्मनिरपेक्ष नेता का दुर्लभ उदाहरण करार दिया।
सभी राजनीतिक दलों के अल्पसंख्यक नेताओं ने श्री पवार के अल्पसंख्यकों और पिछड़े समुदायों से जुड़े मुद्दों के साथ लंबे जुड़ाव को याद किया और उन्हें ऐसे फैसलों का श्रेय दिया जिनका स्थायी संस्थागत प्रभाव पड़ा।
विधायक रईस शेख ने कहा कि श्री पवार की मृत्यु मुस्लिम समुदाय के लिए एक गहरा नुकसान है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को लगता है कि उन्होंने एक ऐसा नेता खो दिया है जो राजनीतिक अनिश्चितता के समय में लगातार उनके साथ खड़ा रहा।
सरकार में पवार के कार्यकाल को याद करते हुए श्री शेख ने कहा कि श्री पवार ने एक अलग अल्पसंख्यक निदेशालय की स्थापना में निर्णायक भूमिका निभाई और उर्दू भवनों के निर्माण और उर्दू अकादमी के लिए बढ़ी हुई फंडिंग जैसी पहलों को तुरंत मंजूरी दी।
मौलाना आज़ाद अल्पसंख्यक वित्तीय विकास निगम के निदेशक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता सलीम सारंग ने श्री पवार को एक अग्रणी ब्याज-मुक्त ऋण योजना के पीछे की प्रेरक शक्ति बताया, जिसकी वजह से कई अल्पसंख्यक छात्र विदेश में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर सके।
श्री सारंग ने कहा कि कठिन राजनीतिक माहौल में श्री पवार ने बार-बार अल्पसंख्यकों को आश्वासन दिया कि जब तक वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, उन्हें डरने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी उनसे संपर्क किया गया, श्री पवार ने मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आरिफ नसीम खान ने इस निधन को "बेहद दुखद और चौंकाने वाला" बताया। उन्होंने श्री पवार को एक दूरदर्शी नेता और मूल रूप से एक अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक मोर्चा (राजग) के साथ गठबंधन करने के बाद भी श्री पवार ने अपने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखा।
श्री पवार के साथ अपने लंबे राजनीतिक जुड़ाव को याद करते हुए श्री खान ने कहा कि उन्होंने और राकांपा नेता ने पांच मौकों पर एक साथ विधायक के रूप में शपथ ली थी। श्री खान ने कहा कि 2014 में जब उन्होंने पिछड़ेपन के आधार पर मुसलमानों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रस्ताव दिया था तो श्री पवार पहले नेता थे जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
श्री खान ने कहा कि पवार जैसे कद के धर्मनिरपेक्ष नेता की जगह लेना असंभव होगा। उन्होंने राजनेताओं से जुड़ी पिछली विमानन घटनाओं का हवाला देते हुए इस विमान दुर्घटना की व्यापक जांच की मांग की।
विधायक अमीन पटेल ने इस दिन को बेहद दुखद बताया और अपने परिवार और पार्टी की ओर से संवेदना व्यक्त की। श्री पटेल ने कहा कि श्री पवार के नुकसान की भरपाई करने में पीढ़ियां लग जाएंगी। उन्होंने श्री पवार की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने सभी धर्मों और विचारधाराओं के लोगों को साथ लिया और ग्रामीण और शहरी महाराष्ट्र दोनों से मज़बूत रिश्ता बनाए रखा।
पूर्व सांसद और मंत्री हुसैन दलवई ने कहा कि हालांकि श्री पवार ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था, लेकिन उन्होंने कभी भी धर्मनिरपेक्षता या अल्पसंख्यकों की चिंताओं को नहीं छोड़ा। श्री दलवई ने श्री पवार की प्रशासनिक क्षमता, साफ़गोई और झूठे वादे करने के बजाय साफ़ जवाब देने की आदत की तारीफ़ की। उन्होंने बारामती को विकास का मॉडल बनाने का श्रेय श्री पवार को देते हुए कहा कि शरद पवार (उनके चाचा) ने विकास की नींव रखी, जबकि अजीत पवार ने इस क्षेत्र को आधुनिक पहचान दी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित