बेंगलुरु , अप्रैल 10 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को चेतावनी दी कि यदि विनजो कंपनी के सह-संस्थापक पवन नंदा को मिली जमानत के खिलाफ एजेंसी की अपील तुच्छ या अनावश्यक पाई गई तो वह उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा सकता है।

न्यायमूर्ति एस. रचैया ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि ईडी को या तो जमानत की शर्तों का उल्लंघन दिखाना होगा या फिर यह सबूत देना होगा कि आरोपी तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा था।

न्यायमूर्ति रचैया ने कहा, "इन दोनों के बिना, अगर मुझे लगा कि यह एक अनावश्यक चुनौती है, तो मैं एक लाख रुपये का जुर्माना लगाऊंगा।"अदालत धन शोधन मामले में बेंगलुरु की एक सत्र अदालत द्वारा श्री नंदा को दी गई जमानत के खिलाफ ईडी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि विनजो के गेमिंग प्लेटफॉर्म में एल्गोरिदम की हेराफेरी और 'बॉट्स' का उपयोग किया गया, जिससे लगभग 177 करोड़ रुपये का गलत लाभ हुआ।

एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि फंड को विदेशी संस्थाओं में भेजा गया और अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) पर होस्ट किए गए क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से धन शोधन किया गया, जिसमें लगभग 5.5 करोड़ डॉलर के संदिग्ध अवैध लेनदेन शामिल हैं।

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