अलवर , अगस्त 28 -- राजस्थान में अलवर में चातुर्मास कर रहे दिगंबर जैन संत मुनि श्रीसौम्य सागर महाराज के आह्वान पर जैन समाज की ओर से पर्यूषण पर्व के दौरान स्कूलों में परीक्षाएं नहीं कराने की मांग को लेकर शिक्षा विभाग को दिए गए ज्ञापन का असर अब दिखाई देने लगा है।

जैन समाज के अनुरोध के बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अलवर ने जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय अलवर को पत्र भेजकर पर्यूषण पर्व के दौरान निजी विद्यालयों में परीक्षाएं आयोजित नहीं कराने के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पत्र में कहा गया है कि 16 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक चलने वाले पर्यूषण पर्व के दौरान निजी विद्यालयों में किसी भी तरह की परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाए। शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय को भेजे गए इस पत्र के बाद जैन समाज में खुशी का माहौल है।

समाज के लोगों का कहना है कि पर्यूषण पर्व जैन धर्म का महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है और इस दौरान बच्चों को धार्मिक गतिविधियों एवं पर्व की आराधना में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

जैन समाज अब जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय अलवर से उम्मीद लगाए हुए है कि इस संबंध में शीघ्र ही औपचारिक आदेश जारी करके निजी विद्यालयों को निर्देश देगा।

यह जानकारी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मुकेश जैन सोरखा वालों ने दी। वह उस शिष्टमंडल में शामिल थे, जिसने शिक्षा विभाग को ज्ञापन देकर पर्यूषण पर्व के दौरान परीक्षाएं नहीं कराने की मांग उठाई थी।

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