बारां , सितम्बर 10 -- राजस्थान के बारां में पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन गुरुवार को श्री जैन श्वेतांबर समाज मूर्तिपूजक संघ की ओर से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।

इस दौरान साधर्मिक बंधुओं ने श्रद्धालुओं को जैन धर्म के 11 कर्तव्यों का महत्व बताते हुए धर्म, भक्ति और आत्मशुद्धि का संदेश दिया।

संघ अध्यक्ष राजेंद्र रंगावत, अशोक बोरडिया एवं वीरेंद्र श्रीमाल ने बताया कि कल्पसूत्र बोहराने की बोली अंता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, यश भाया एवं पारख परिवार के नाम रही। पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना करवाने के लिए अखिल भारतीय श्री वर्धमान जैन नवयुवक मंडल, जावरा से भावेश हरण, ओजस सुराणा एवं रक्षित कोचर बारां पहुंचे हैं। इनके प्रवचन पांच दिनों तक होंगे।

जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, निर्मला बोरडिया एवं निर्मला श्रीमाल ने बताया कि तीसरे दिन साधर्मिक बंधुओं ने संघ पूजा, साधर्मिक भक्ति, यात्रिक, स्नात्र महोत्सव, देवद्रव्य वृद्धि, महापूजा, रात्रि जागरण, श्रुत पूजा, उद्यापन, शासन प्रभावना एवं आलोचना सहित 11 कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर परमात्मा स्वयं जिस श्रीसंघ को नमस्कार करते हैं, वह श्रीसंघ वंदनीय है। कर्मयोग और ज्ञानयोग में मन सक्रिय होता है, जबकि भक्ति योग में हृदय की अनुभूति जागृत होती है।

इस अवसर पर प्रमोद जैन भाया ने बताया कि गिरनार स्पर्श यात्रा कार्यक्रम दो दिनों तक आयोजित होगा।

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