गोरखपुर , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात द्वारा गोरखपुर मंडल में पर्यटन और सांस्कृतिक विकास योजनाओं की दो दिवसीय समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण किया गया।
अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत 30 पर्यटन, 3 धर्मार्थ कार्य विभाग और 3 सांस्कृतिक परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 77 करोड़ रुपये है।
अपर मुख्य सचिव ने गोरखा युद्ध स्मारक, गौरव संग्रहालय और परमहंस योगानंद जी की जन्मस्थली के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने चल रही परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की। उन्होंने बुद्धा संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गोरखपुर में तैयार हो रही इन परियोजनाओं को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरव संग्रहालय में वैदिक काल से स्वतंत्रता संग्राम तक के इतिहास को सात आधुनिक गैलरियों में प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि गोरखा सैनिकों के शौर्य और भारतीय सेना में योगदान को डिजिटल गैलरी, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। यह भी उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की योजना के तहत कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर दिया गया। अपर मुख्य सचिव द्वारा कुशीनगर में विपश्यना केंद्र, बुद्ध गमन मार्ग के छह पड़ावों का विकास, कपिलवस्तु में आधुनिक पर्यटक सुविधाएं और महराजगंज के देवदह में विकास कार्यों के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव द्वारा कसया, बड़हलगंज और पडरौना के प्राचीन रामलीला मैदानों के विकास, विस्तार और सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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