लखनऊ , जून 22 -- उत्तर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम स्टे नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत होम स्टे और बीएंडबी इकाइयों के पंजीकरण को सरल बनाया गया है तथा ऑनलाइन ऑटो रिन्यूअल की सुविधा भी शुरू की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार करना है, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हों।
उन्होंने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में संचालित होम स्टे इकाइयों में अब न्यूनतम एक तथा अधिकतम आठ कमरों (16 बेड) का पंजीकरण कराया जा सकेगा। इससे पहले अधिकतम छह कमरों तक ही पंजीकरण की अनुमति थी। उन्होंने कहा कि होम स्टे केवल ऐसी आवासीय संपत्तियों में संचालित किए जा सकेंगे जो आवेदक की स्वामित्व वाली हों अथवा विकास प्राधिकरण से लीज पर ली गई भूमि पर निर्मित हों। साथ ही संपत्ति स्वामी अथवा उसके परिवार का वहां निवास करना अनिवार्य होगा।
श्री सिंह ने बताया कि बीएंडबी श्रेणी के अंतर्गत भी आवासीय अथवा लीज पर लिए गए भवनों में अधिकतम आठ कमरों का पंजीकरण किया जा सकेगा। इन इकाइयों में देशी एवं विदेशी पर्यटकों को आवास के साथ नाश्ता एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए केयरटेकर का निवास अनिवार्य होगा तथा लीज अवधि कम से कम तीन वर्ष की होनी चाहिए। 16 बेड क्षमता वाली डॉरमेट्री को भी इस श्रेणी में पात्र माना गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आठ कमरों से अधिक क्षमता वाले आवासीय भवन, होटल, मोटल और गेस्ट हाउस इस योजना के तहत पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे।
मंत्री ने बताया कि संशोधित नीति के तहत पंजीकृत इकाइयों को बड़ी राहत देते हुए पोर्टल आधारित स्वतः नवीनीकरण (ऑटो रिन्यूअल) की व्यवस्था लागू की गई है। अब संचालक पंजीकरण अवधि समाप्त होने से तीन माह पूर्व विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन नवीनीकरण करा सकेंगे।
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