बेतिया, 16अक्टूबर (वार्ता) बिहार के पश्चिम चंपारण जिला स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) को 17 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इस पर्यटन सत्र में पर्यटक चार नए रूटों पर जंगल सफारी का आनंद उठा सकेंगे। वीटीआर प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए इन नए रूटों को विकसित किया है, जहां पर्यटक बाघ समेत अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में करीब से देख सकेंगे। वीटीआर के क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि पर्यटकों के ठहरने के लिए वाल्मीकिनगर, मंगुराहां और गोबर्द्धना पर्यटन केंद्रों पर आवास की व्यवस्था की गई है। वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र में 26 कमरे उपलब्ध हैं, जबकि कोतराहां में एक डोरमेट्री हॉल और दो ईको हट बनाए गए हैं। मंगुराहां पर्यटन केंद्र में 16 कमरे तथा गोबर्द्धना में चार ईको हट, टेंट हट और चार सुइट कमरे उपलब्ध कराए गए हैं।इस पर्यटन सत्र में विकसित किए गए चार नए रूटों में पहला मदनपुर स्थित गेटवे ऑफ वीटीआर से मदनपुर देवी स्थान दर्शन होते हुए दिल्ली कैंप तक निर्धारित किया गया है। दूसरा रूट वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से गोनौली वन प्रक्षेत्र में बने गिद्ध संरक्षण केंद्र तक होगा। तीसरे रूट पर पर्यटक वाल्मीकिनगर पर्यटन केंद्र से गिद्ध संरक्षण केंद्र, गोनौली, चिउटांहा और रघिया बफर जोन होते हुए गोबर्द्धना एवं मंगुराहां पर्यटन केंद्र तक जंगल सफारी कर सकेंगे। वहीं, चौथा रूट मंगुराहां पर्यटन केंद्र के भवानीपुर नाका से मानपुर तक विकसित किया गया है। इन रूटों के माध्यम से पर्यटकों को जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
वीटीआर में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ ही जंगल सफारी करने वाले पर्यटकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 11,338 पर्यटकों ने जंगल सफारी की थी। वर्ष 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 17,198, वर्ष 2023-24 में 23,550, वर्ष 2024-25 में 29,198 और वर्ष 2025-26 में 33,224 हो गई। वहीं, वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जून तक ही 15,396 पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले चुके हैं। पर्यटन सत्र अगले वर्ष जून तक चलेगा। ऐसे में नए रूटों और ठहरने की बेहतर सुविधाओं के कारण इस बार भी वीटीआर में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
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