मुंबई , सितंबर 16 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को लेकर विद्यार्थियों की ओर से जताई जा रही चिंताओं से अवगत है और भविष्य में कोई भी फैसला विद्यार्थियों के साथ चर्चा करने तथा उनकी राय पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।
श्री फडणवीस ने यह आश्वासन ऐसे समय में दिया है जब परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों की चिंताएं बढ़ रही हैं। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के तरीके में बदलाव की संभावना को लेकर छात्रों में चिंता है। विद्यार्थी पारदर्शिता और परीक्षा की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार और परीक्षा अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र 'सामान्य प्रवेश परीक्षा (एमएच-सीईटी) से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ओर से आयोजित परीक्षाओं को लेकर छात्रों द्वारा उठाई गयी चिंताओं पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने कुछ एमपीएससी परीक्षाओं को पहले ही स्थगित करने का फैसला किया है। एमपीएससी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए गठित समिति के अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद पर सफाई देते हुए श्री फडणवीस ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से कराने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
श्री फडणवीस ने कहा कि सरकार छात्रों से सलाह किए बिना उनके हितों को प्रभावित करने वाला कोई फैसला नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को एमपीएससी परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम में कराने के फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इस बीच, एमएच-सीईटी से जुड़े मामले की एसआईटी जांच में कथित अनियमितताओं से जुड़ी परिस्थितियों की जांच किए जाने और तथ्यों को सामने लाए जाने की उम्मीद है। एसआईटी का गठन मामले की विस्तृत जांच करने और यदि कोई जिम्मेदारी बनती है तो उसे तय करने के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्यमंत्री के बयान से राज्य में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को कुछ स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। खासकर उन छात्रों को इससे राहत मिल सकती है, जो परीक्षा कराने की प्रक्रिया में संभावित बदलाव को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि एमपीएससी परीक्षाओं से जुड़े फैसले उम्मीदवारों के हितों और उनकी चिंताओं को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।
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