भुवनेश्वर , जून 02 -- बीजू जनता दल (बीजद) ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है।

बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताएं लगातार बढ़ी हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएसई और अन्य परीक्षाएं पिछले कुछ वर्षों में प्रश्नपत्र लीक तथा प्रक्रियागत खामियों के कारण विवादों में रही हैं। उनके अनुसार, बार-बार उत्पन्न हो रही ऐसी परिस्थितियों से छात्रों और अभिभावकों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। सुश्री देव ने आरोप लगाया कि इस वर्ष नीट, सीबीएसई और सीयूईटी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों द्वारा तनाव के कारण चरम कदम उठाने की भी खबरें सामने आयी हैं।

उन्होंने इन घटनाओं के लिए श्री प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह लगातार उठ रहे विवादों पर संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे हैं और उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिये। सुश्री देव ने एक और मुद्दा उठाते हुए विकास फाउंडेशन ट्रस्ट के संबंध में सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्टों और आरोपों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रस्ट के साथ श्री प्रधान की पत्नी मृदुला प्रधान का नाम जुड़ा हुआ है, इसलिए केंद्रीय मंत्री को इस संगठन के साथ अपने या अपने परिवार के जुड़ाव की प्रकृति को स्पष्ट करना चाहिए, ताकि जनता के मन में उठ रहे संदेह दूर हो सकें।

बीजद के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने भी शिक्षा मंत्री की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह परीक्षाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने में असफल रहे हैं। उन्होंने सीबीएसई उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन कार्य से जुड़े ठेकों की शर्तों में कथित बदलाव को लेकर भी स्पष्टीकरण की मांग की।

बीजद नेताओं ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने और विद्यार्थियों को प्रभावित करने वाली खामियों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।

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